पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस में चल रही आतंरिक कलह बढ़ती दिख रही है।
इसका असर दिल्ली तक दिखा है और अभिषेक बनर्जी को ही संसदीय दल की पूरी कमान सौंप दी गई है। इसके अलावा एक टीम भी गठित हुई है, जो ममता के भतीजे के साथ मिलकर काम करेगी।
सूत्रों का कहना है कि पार्टी में इस बात को लेकर चर्चा थी कि टीएमसी और बंगाल की छवि दिल्ली में खराब की जा रही है। उससे निपटने और पार्टी लाइन तय करने के लिए एक सीनियर नेता की जरूरत है, जो परिपक्व हो। इसीलिए बदलाव किए गए हैं।
दिलचस्प है कि ममता बनर्जी ने यह फैसला अपनी ही स्टाइल में लिया और महज 12 मिनट की ऑनलाइन मीटिंग में तय होगा कि अब किसे क्या जिम्मा मिलेगा।
इस मीटिंग में तय हुआ कि अब कल्याण बनर्जी पार्टी के चीफ विप नहीं रहेंगे। इसके अलावा संसदीय दल के नेता के पद से सुदीप बंद्योपाध्याय को हटा दिया गया। उनकी जगह पर अभिषेक बनर्जी को कमान मिली है।
टीएमसी के सूत्रों के अनुसार इसे पार्टी में अभिषेक बनर्जी गुट की जीत के तौर पर भी देखा जा रहा है। अभिषेक को ममता बनर्जी का राजनीतिक वारिस समझा जाता है, लेकिन उनकी कई नेताओं से अनबन रही है।
वह लंबे समय से चाहते थे कि कल्याण बनर्जी और सुदीप को हटा दिया जाए। कहा जा रहा है कि पहले इतना ही तय था कि कल्याण बनर्जी को पद से हटाया जाए।
लेकिन जब उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार कई ट्वीट किए और अपने ही नेताओं को टारगेट किया तो फिर सुदीप पर भी ऐक्शन हो गया। टीएमसी में इस ऐक्शन के बाद यह भी कोशिश हो रही है कि हटाए गए नेताओं को राजी रखा जाए।
इसीलिए अभिषेक बनर्जी इसी सप्ताह कल्याण बनर्जी से मुलाकात करने वाले हैं। दिलचस्प तथ्य यह है कि पहले अभिषेक और ममता के बीच मतभेद की खबरें थीं, जो अब एक साथ दिख रहे हैं।
कहा जा रहा है कि ममता बनर्जी और अभिषेक के बीच यह सुलह एक समझौते के चलते हुई है। इसके चलते ममता बनर्जी पहले की तरह ही बंगाल की सीएम रहेंगी और सारे मामले देखेंगी।
राज्य में अभिषेक बनर्जी का ज्यादा दखल नहीं रहेगा। वहीं अभिषेक अब दिल्ली पर फोकस करेंगे। उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में टीएमसी की छवि सुधारने, INDIA ब्लॉक से समन्वय रखने एवं अन्य राज्यों में विस्तार की जिम्मेदारी मिली है। इस तरह बुआ और भतीजे के बीच अब राजनीतिक सामंजस्य बना है।
ऐक्शन से फायर कल्याण बनर्जी, बोले- मेरी क्या गलती
खुद को चीफ विप के पद से हटाने और सांसदों के बीच समन्वय कमजोर होने की बात पर कल्याण बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
अपनी तुनकमिजाजी के लिए चर्चित बनर्जी ने कहा कि ममता दीदी ने जिन लोगों को सांसद बनाया है, उनमें से ज्यादातर लोकसभा ही नहीं आते। साउथ कोलकाता, बैरकपुर, बांकुरा और उत्तर कोलकाता के सांसद नहीं आते हैं। इसमें मैं क्या कर सकता हूं। मेरी क्या गलती है। लेकिन हर चीज के लिए मुझे ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।