परिसीमन की चर्चा और लोकसभा सीटें घटने की आशंकाओं के बीच दक्षिण के दो राज्यों तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों एमके स्टालिन और चंद्रबाबू नायडू ने पिछले दिनों लोगों से अधिक बच्चे पैदा करने की अपील की थी कि ताकि संसद में राज्य को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
हालांकि केरल ने इससे अलग रुख अपनाया है और दोनों मुख्यमंत्रियों की अपील को शॉर्टकट हथकंडा करार दिया है।
केरल के उद्योग और कानून मंत्री पी राजीव ने कहा कि इस मुद्दे को बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता है, न कि इन शॉर्टकट्स की।
इकनॉमिक टाइम्स से बात करते हुए राजीव ने कहा, “लोगों से अधिक बच्चे पैदा करने के लिए कहना, समस्या के समाधान का एक शॉर्टकट तरीका है। हमें इस वास्तविकता को स्वीकार करने की जरूरत है कि यह लोगों को तय करने का अधिकार है कि उनके कितने बच्चे हों।”
केंद्र सरकार की नीति लागू की, इसलिए मिल रहा दंड
राजीव, जो सीपीआई-एम केंद्रीय समिति के सदस्य भी हैं, ने केंद्र सरकार की नीति को लागू करने के लिए केंद्र पर दक्षिणी राज्यों को दंडित करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “हम एक वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं, आर्थिक संकट नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण वित्तीय संकट। हमें कुछ क्षेत्रों में हमारी उपलब्धियों के लिए दंडित किया जा रहा है।”
आबादी कंट्रोल करने वाले राज्यों को मिले प्रोत्साहन
राजीव ने कहा, “दरअसल, केंद्र को उन राज्यों को प्रोत्साहन देना चाहिए, जिन्होंने जनसंख्या कम करने की केंद्र सरकार की नीतियों को लागू किया है। जनसंख्या नियंत्रण केंद्र की एक नीति थी जिसे हमने लागू किया है। निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या सीमित करने के बजाय, उन्हें प्रोत्साहन देना चाहिए। ज़्यादा आबादी वाले राज्यों को वित्तीय प्रोत्साहन और ज़्यादा प्रतिनिधित्व देकर, आप उन्हें केंद्र की नीतियों का पालन न करने के लिए पुरस्कृत कर रहे हैं। यह न्याय नहीं है।”
स्टालिन और नायडू ने की थी अधिक बच्चे पैदा करने की अपील
बता दें कि पिछले साल, चंद्रबाबू नायडू ने तब विवाद खड़ा कर दिया था, जब उन्होंने अपने राज्य के लोगों से अधिक से अधिक बच्चे पैदा करने की अपील की थी।
तब उन्होंने कहा था कि भारत की आबादी जल्द ही बूढ़ी होती जाएगी। इसलिए, आंध्र प्रदेश सरकार ने नियमों में संशोधन किया है और अब केवल दो से ज़्यादा बच्चों वाले लोगों को ही स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने की इजाजत होगी।
वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने इसे परिसीमन से जोड़ते हुए कहा था कि ज्यादा आबादी का मतलब संसद में राज्य का ज़्यादा प्रतिनिधित्व होगा।