दशकों पहले कंप्यूटर के आने पर जैसी हलचल मची थी, वैसी ही स्थिति अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर देखी जा रही है।
कोई इसे लेकर आशंकित है कि नौकरियां चली जाएंगी तो कुछ लोगों को लगता है कि इससे तमाम काम आसान और पारदर्शी होंगे।
इस बीच भारतीय अमेरिकी निवेशक विनोद खोसला ने बड़ा अनुमान जाहिर किया है। उनका कहना है कि अगले 5 सालों में 80 फीसदी नौकरियां खत्म हो जाएंगी।
इन नौकरियों में लगे लोगों का काम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से होने लगेगा।
यही नहीं उन्होंने छात्रों को भी जागरूक करते हुए कहा कि भविष्य के छात्रों को स्पेशलिस्ट बनने की बजाय जनरलिस्ट बनना होगा यानी उन्हें तमाम चीजों की जानकारी रखनी होगी।