धनखड़ ने बुलेटप्रूफ कार क्यों मांगी थी, लेकिन सरकार ने सिर्फ इनोवा ही क्यों दी? जानिए क्या हुआ था…

उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे चुके जगदीप धनखड़ अपने काफिले के लिए नई बुलेटप्रूफ कार चाहते थे।

एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि धनखड़ के कार्यालय की तरफ से इस संबंध में केंद्र सरकार को सूचना भी दे दी गई थी, लेकिन बाद में उन्हें बगैर बुलेटप्रूफ गाड़ी प्रदान की गई।

धनखड़ ने 22 जुलाई को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का हवाला देकर पद से इस्तीफा दे दिया था।

 रिपोर्ट के अनुसार, बीते साल फरवरी में उप राष्ट्रपति सचिवालय की तरफ से तत्कालीन उपराष्ट्रपति धनखड़ के लिए नई बुलेटप्रूफ गाड़ियां मांगी गई थीं।

उस दौरान BMW कारों के पुराने होने की बात कही गई थी। इस अनुरोध के बाद केंद्रीय गृहमंत्रालय ने जून में इसकी जांच के लिए एक समिति गठित करने का फैसला किया था।

रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर में धनखड़ को एक बगैर बुलेटप्रूफ सुरक्षा वाली इनोवा कार देने का फैसला किया गया। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि उपराष्ट्रपति सचिवालय ने अतिरिक्त सचिव (पुलिस आधुनिकिकरण प्रभाग) को भेजे पत्र में लिखा था, ‘मुझे आपको यह बताने का आदेश मिला है कि भारत के माननीय उपराष्ट्रपति को रोज की आवाजाही के लिए तीन बुलेटप्रूफ हाई सिक्योरिटी BMW कारें मिली हैं।’

आगे कहा गया, ‘इन तीन वाहनों मे से तीन 6 साल से ज्यादा पुरानी हो गई हैं और तीसरी को लगभग 4 साल और 5 महीने हो गए हैं।

उसे भी अगले कुछ महीनों में 5 साल हो जाएंगे।’ पत्र में कहा गया, ‘यह गया है कि इन तीनों वाहनों बुलेटप्रूफ हाई सिक्योरिटी वाहनों से बदल दिया जाए। तीन वाहनों के जल्द से जल्द बदलने का अनुरोध किया जाता है।’

अखबार को सूत्रों ने बताया कि इससे पहले ऐसा ही एक पत्र दिल्ली पुलिस को भेजा गया था, जहां से बताया गया कि वाहन संबंधी काम गृहमंत्रालय का है।

रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी में उपराष्ट्रपति सचिवालय की तरफ से भेजे गए पत्र के जवाब में गृहमंत्रालय के सचिव ने 12 जून 2024 को बताया कि तीन वाहनों की जांच के लिए एक बोर्ड गठित किया जा रहा है। इसमें NSG के 2, CRPF से 1 समेत 6 अधिकारी शामिल होंगे।

रिपोर्ट के अनुसार, 28 नवंबर को दिल्ली पुलिस की तरफ से एक आंतरिक संचार के माध्यम से बताया गया कि उपराष्ट्रपति सचिवालय ने ‘5 साल उम्र’ पूरी होने के कारण धनखड़ के बुलेटप्रूफ वाहन बदल दिए हैं।

इसमें कहा गया कि नया वाहन इनोवा है और एक वाहन फॉर्च्युनर है और दोनों ही बुलेटप्रूफ नहीं हैं।

अखबार के अनुसार, उपराष्ट्रपति के ओएसडी और सचिव को बताया गया था कि अगर बुलेटप्रूफ वाहन की जरूरत है, तो दिल्ली पुलिस से लिए जा सकते हैं।

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