भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की सजा माफ होने के दावे का तलाल अब्दो महदी के परिवार ने खंडन किया है।
साथ ही ग्रैंड मुफ्ती के दफ्तर की ओर से किए गए दावों का भी खंडन किया है। साथ ही तलाल के भाई ने निमिषा को जल्द सजा ए मौत दिए जाने की मांग की है।
खबरें हैं कि भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी निमिषा की सजा माफ होने की खबरों का खंडन किया है। हालांकि, इसे लेकर सरकार की तरफ से आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, तलाल के भाई अब्दुल फतेह ने कहा, ‘कुछ उपदेशक जो धर्म के नाम पर बात करने का दावा करते हैं, वो हमारी कीमत पर खुद के लिए हीरो जैसी झूठी धारणा बनाने के लिए आगे आते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘तलाल का खून मोल भाव के बाजार में कोई बिकने वाली चीज नहीं बनेगा।’
ग्रैंड मुफ्ती के दफ्तर के दावे पर उन्होंने कहा, ‘किसने उन्हें अधिकार दिया, कब दिया और किस आधार पर दिया?’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि यमनी कानून के तहत मौत की सजा सिर्फ तब ही माफ हो सकती है, जब पीड़ित का परिवार ब्लड मनी स्वीकार कर ले, जिसे अब तक स्वीकार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, ‘अगर कोई फैसला लिया जाना है, तो हम लेंगे।’
16 मई को होने वाली फांसी टली
निमिषा को पहले 16 मई को फांसी दिया जाना तय हुआ था, लेकिन बाद में यमन के अधिकारियों ने इसे टाल दिया था। अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फतेह ने सजा में हो रही देरी पर भी नाराजगी जाहिर की है।
उन्होंने कहा है कि परिवार ने सुलह और मध्यस्थता के सभी प्रयासों से इनकार कर दिया है।
केरल के पलक्कड़ की निमिषा साल 2008 में यमन गई थीं। इसके बाद वह तलाल के संपर्क में आईं और दोनों ने मिलकर क्लीनिक खोलने की योजना बनाई।
बाद दोनों के बीच साझेदारी को लेकर तनाव बढ़ गया था। खबरें हैं कि तलाल ने निमिषा का पासपोर्ट अपने पास रख लिया था और उसे हासिल करने की कोशिश में निमिषा ने तलाल को बेहोश किया था। इसके ओवरडोज से उसकी मौत हो गई थी।