ब्रिटेन दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर गुरुवार को ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर दस्तखत किए।
इसके साथ ही दोनों नेताओं ने व्यापक सामरिक साझेदारी को नई दिशा देने के लिए भारत-ब्रिटेन विजन 2035 पर भी हस्ताक्षर किये।
इसके बाद दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेन्स की। इस दौरान ब्रिटिश पीएम के भाषण का हिन्दी में अनुवाद कर रहीं ट्रांसलेटर कुछ देर के लिए लड़खड़ा गईं और अनुवाद करने में अटक गईं। तभी एक सुखद क्षण देखने को मिला।
दरअसल, हुआ यूं कि ब्रिटिश पीएम स्टारमर की टिप्पणियों का हिन्दी में अनुवाद करते समय ट्रांसलेटर को परेशानी हुई, तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसमें हस्तक्षेप किया और अनुवाद कर रहीं महिला की हौसला आफजाई की।
पीएम मोदी ने उनसे अंग्रेजी में कहा, Don’t bother, we can use English words यानी “कोई बात नहीं…बीच-बीच में अंग्रेज़ी शब्दों का इस्तेमाल करें… चिंता न करें।” इसके बाद जब अनुवाद कर रहीं महिला ने असुवाधा के लिए माफी मांगी तो प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ी सहजता और विनम्रता से कहा, “कोई बात नहीं”। ऐसा कहकर पीएम ने उन्हें आश्वस्त किया।
PM मोदी ने हल्का और खुशनुमा कर दिया माहौल
माहौल को खुशनुमा और हल्का-फुल्का करने वाले इस पल का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में सुना जा सकता है कि जब अनुवादक को हिंदी बोलने में दिक्कत हो रही थी, तभी प्रधानमंत्री मोदी उसकी मदद के लिए आगे आए और कहा, “परेशान मत होइए, हम बीच में अंग्रेजी शब्दों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
इसकी चिंता मत कीजिए।” इस पर अनुवादक माफ़ी मांगती हुई सुनाई देती है और मोदी उसे फिर से “चिंता मत कीजिए” कहकर आश्वस्त करते हैं।
मुझे लगता है कि हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं
बाद में, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को भी यह कहते हुए देखा गया, “मुझे लगता है कि हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं।”
बता दें कि लगभग तीन वर्षों की बातचीत के बाद, भारत और ब्रिटेन ने अंततः गुरुवार को मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
इसके तहत दोनों देशों ने एक-दूसरे पर टैरिफ में कटौती करने के साथ-साथ अपने बीच व्यापार संबंधों को बढ़ाने के लिए अन्य प्रमुख कदम भी उठाए हैं। इस समझौते के तहत, 99% भारतीय निर्यातकों को ब्रिटिश बाजार में बिना शुल्क दिए पहुँच मिल सकेगी और इससे लगभग 23 अरब डॉलर के अवसर खुल सकेंगे। वाणिज्य मंत्री पीयूष मिश्रा ने कहा कि यह “समावेशी और लैंगिक-समान विकास के एक नए युग की शुरुआत करेगा।”
भारत और ब्रिटेन के उद्योगपतियों से मुलाकात
मोदी और स्टार्मर ने ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर के बाद भारत और ब्रिटेन के उद्योगपतियों से मुलाकात की। बैठक में स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, रत्न और आभूषण, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, विनिर्माण, दूरसंचार, प्रौद्योगिकी, आईटी, लॉजिस्टिक्स, कपड़ा और वित्तीय सेवा क्षेत्रों के दोनों पक्षों के प्रमुख उद्योग प्रमुख उपस्थित थे। ये क्षेत्र दोनों देशों में रोजगार सृजन और समावेशी आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।