बांग्लादेश में सोमवार को भयावह विमान हादसा हुआ है।
यहां बांग्लादेशी एयरफोर्स का चीन में बना एक एफ-7 जेट क्रैश होकर एक कॉलेज और स्कूल परिसर में जा गिरा जिसमें कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई है।
मरने वालों में अधिकार स्टूडेंट्स थे। हादसे में 100 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर भी सामने आई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद भारत ने पड़ोसी देश के लिए मदद का हाथ आगे बढ़ाया है।
भारत ने घायलों के इलाज के लिए बर्न स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और नर्सों की टीम सहित कुछ राहत सामग्रियां बांग्लादेश भेजी है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जाते हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने बताया है कि भारत हादसे में घायल लोगों को बचाने की पूरी कोशिश करेगा।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “जरूरी चिकित्सा सहायता के साथ बर्न स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और नर्सों की एक टीम पीड़ितों का इलाज करने के लिए जल्द ही ढाका का दौरा करेगी।”
घायलों को लाया जा सकता है भारत
बयान में कहा गया है कि डॉक्टरों की विशेष टीम मरीजों की स्थिति का आकलन करेगी। इसके बाद अगर उन्हें भारत लाए जाने की जरूरत हुई तो इसकी कोशिश भी की जाएगी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि शुरुआती जांच और इलाज के आधार पर कुछ और टीमों को भी ढाका भेजा जा सकता है।
बढ़ सकती है मृतकों की संख्या
इस बीच बांग्लादेश की एयरफोर्स ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च-स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। सेना की ओर से बताया गया जी कि दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है।
इससे पहले विशेष सलाहकार सईदुर रहमान ने मीडिया को बताया था कि मृतकों में कम से कम 25 बच्चे शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि उनमें से कई 12 साल से कम उम्र के थे जिनकी मौत गंभीर रूप से झुलसने के कारण हो गई। अधिकारियों के मुताबिक मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।