ओडिशा में कथित तौर पर यौन उत्पीड़न से परेशान होकर खुद को आग लगाने वाली छात्रा की मौत हो गई है।
इस मामले में कॉलेज के प्रिंसिपल के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
खबर है कि राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने राज्य सरकार से उन परिस्थितियों पर रिपोर्ट मांगी है जिनके कारण कॉलेज छात्रा ने आत्मदाह का सहारा लिया।
रिपोर्ट में अस्पताल के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि छात्रा की सोमवार रात मौत हो गई। छात्रा ने प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाकर खुद को आग के हवाले कर दिया था।
खबरें हैं कि इस घटना में वह 90 फीसदी तक झुलस गईं थीं और AIIMS भुवनेश्वर में उनका इलाज चल रहा था। घटना के एक सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहा है कि घटनास्थल पर मौजूद अन्य छात्र छात्रा को बचाने के प्रयास कर रहे हैं।
बुरी तरह से झुलसी छात्रा को पहले बालासोर जिला मुख्यालय अस्पताल लाया गया था। बाद में उन्हें शनिवार को AIIMS रेफर किया गया था।
बर्न यूनिट में एक्सपर्ट्स की एक टीम उनके इलाज में जुटी हुई थी। पीटीआई भाषा के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को एम्स भुवनेश्वर की ‘बर्न यूनिट’ का दौरा किया और 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली। वह राज्य के दो दिवसीय दौरे पर हैं।
प्रिंसिपल अरेस्ट
फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज के प्रधानाचार्य दिलीप घोष को बी.एड. छात्रा के खुद को आग लगाकर आत्महत्या का प्रयास करने के बाद शनिवार को निलंबित कर दिया गया।
छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर द्वारा यौन उत्पीड़न करने के मामले में उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने निलंबन आदेश में कहा कि प्रधानाचार्य मामले को ठीक से संभालने और अपने कर्तव्यों का पालन करने में विफल रहे। उन पर शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष समीरा कुमार साहू को बचाने का आरोप है, जिन्हें पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।