US एयरफोर्स ने मस्क की कंपनी के साथ रोका प्रोजेक्ट, जानिए कैसे जुड़ा इसमें ऑमलेट और पक्षियों का कनेक्शन…

अमेरिकी वायु सेना ने एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के साथ एक महत्वाकांक्षी रॉकेट प्रोजेक्ट को अचानक सस्पेंड कर दिया है।

यह प्रोजेक्ट प्रशांत महासागर के एक छोटे द्वीप से हाइपरसोनिक रॉकेट कार्गो डिलीवरी की टेस्टिंग के लिए था। इसका उद्देश्य 90 मिनट से कम समय में वैश्विक स्तर पर सामान पहुंचाना था।

इस निर्णय ने तकनीकी और रक्षा क्षेत्र में हलचल मचा दी है। अब इसके निलंबन का कारण पर्यावरणीय चिंताओं और मस्क के हाल के बयानों से जुड़ा हो सकता है।

क्या थी योजना?

इसमें जॉनस्टन द्वीप से हाइपरसोनिक रॉकेट के जरिए सैन्य सामान की तेज डिलीवरी की योजना थी।

अमेरिकी वायुसेना की योजना स्पेसएक्स जैसी निजी अंतरिक्ष कंपनियों के रॉकेट्स का इस्तेमाल करके 100 टन तक का सैन्य सामान पृथ्वी के किसी भी कोने में महज 90 मिनट में पहुंचाने की थी। यह तकनीक विशेषकर दूर-दराज और संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में सैन्य लॉजिस्टिक्स के लिहाज से एक “गेम-चेंजर” मानी जा रही थी।

जॉनस्टन द्वीप हुवाई से करीब 800 मील (1300 किलोमीटर) दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। यह एक अमेरिकी क्षेत्र है और इसे एक जंगलीजीवन अभयारण्य के रूप में संरक्षित किया गया है।

यह एक वर्ग मील (2.6 वर्ग किमी) का छोटा द्वीप है, लेकिन यहां 14 प्रकार की उष्णकटिबंधीय पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं, जो हर साल बड़ी संख्या में यहां घोंसले बनाती हैं और अंडे देती हैं।

वातावरणीय मूल्यांकन पर विवाद

हालांकि अमेरिकी वायुसेना ने एक पर्यावरणीय आकलन की योजना बनाई थी, लेकिन पर्यावरण संगठनों के विरोध के चलते उसका प्रारूप जारी नहीं हो सका। हाल ही में Stars and Stripes पत्रिका को दिए बयान में एक सैन्य प्रवक्ता ने पुष्टि की कि अब वायुसेना इस कार्यक्रम के लिए किसी वैकल्पिक स्थान की तलाश कर रही है।

स्पेसएक्स की पहले भी हो चुकी आलोचना

स्पेसएक्स पहले भी पर्यावरणीय विवादों में घिर चुकी है। टेक्सास के बोका चीका में किए गए एक स्टारशिप रॉकेट लॉन्च के दौरान संरक्षित पक्षियों के घोंसले और अंडे नष्ट हो गए थे, जिससे कंपनी पर कानूनी कार्रवाई की गई।

इसके बाद एलन मस्क ने मजााकिया अंदाज में ट्वीट किया था- “इस जघन्य अपराध की भरपाई के लिए मैं एक हफ्ते तक आमलेट नहीं खाऊंगा।” यह टिप्पणी उस समय चर्चा में रही और पर्यावरण को लेकर स्पेसएक्स की संवेदनशीलता पर सवाल उठे। अब जॉनस्टन एटोल के मामले में भी कंपनी और अमेरिकी वायुसेना दोनों ने तत्काल जवाब नहीं दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *