भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया।
साथ ही, पाक के कई मिलिट्री एयरबेस को भी निशाना बनाया। ऑपरेशन सिंदूर के समय भारत और पाकिस्तान के बीच कई दिनों तक बेहद तनाव बना रहा।
अब इस दौरान से जुड़ीं कई जानकारियां सामने निकलकर आ रही हैं। पता चला है कि जब भारत ऑपरेशन सिंदूर चला रहा था, तब पाकिस्तानी सेना इतनी खौफ में आ गई थी कि एक कमांडर अपनी चौकी तक छोड़कर भाग खड़ा हुआ।
जब जूनियर ने उससे वापस आने के लिए संपर्क साधा तो उसने जवाब दिया कि पहली अपनी जान बचाओ।
न्यूज एजेंसी आईएएएनएस ने भारतीय सेना के सूत्रों के हवाले से बताया है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मुजफ्फराबाद के पास पाकिस्तान की 75वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड के एक कमांडर ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वापस चौकी पर लौटने से इनकार कर दिया था।
इंटरसेप्ट किए गए कम्युनिकेशन से इस बारे में जानकारी हुई है। जब जूनियर ने कमांडर से ऑपरेशन के फिर से शुरू करने को लेकर संपर्क किया तो डरे हुए पाक आर्मी के कमांडर ने जवाब दिया कि ऑफिस बाद में खुलेगा, पहले अपनी जान बचाओ। उसने एक मस्जिद में जाकर अपनी जान बचाई थी।
इस दौरान एक जूनियर अधिकारी ने अपने कमांडर के बारे में कहा कि वे बहुत ही मुश्किल से अपनी जान बचाकर यहां से निकले हैं।
अभी मस्जिद में नमाज पढ़ रहे हैं। जब हालात ठीक हो जाएंगे, तब ही वापस लौटेंगे। इस घटना से साफ पता चलता है कि पाकिस्तानी आर्मी में भारतीय सेना की कार्रवाई का कोई भी जवाब नहीं था। इसी वजह से भारत ने जितने भी हमले किए, पाकिस्तानी सेना और उसके एयर डिफेंस उन्हें रोक नहीं सकी।
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 6-7 मई की रात पाकिस्तान और पीओके में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके तहत नौ आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले करके तबाह कर दिया गया।
इसमें लश्कर और जैश के 100 से ज्यादा आतंकी ढेर हो गए थे। बाद में पाकिस्तान ने भी तुर्की के ड्रोन के जरिए भारत पर हमले की नाकाम कोशिश की। जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक ड्रोन से हमले किए गए, लेकिन भारतीय एयर डिफेंस ने उन्हें हवा में ही मार गिराया।
चार दिनों तक चले संघर्ष के दौरान दोनों देशों में तनाव चरम पर पहुंच गया था। भारत ने पाक के कई एयरबेस को नुकसान पहुंचाया। हालांकि, बाद में दोनों देशों के बीच सीजफायर पर सहमति बन गई।