युद्ध के बीच भारत को मिला पड़ोसी देश का साथ, कहा – आतंक के खिलाफ आपकी लड़ाई में हम साथ हैं…

भारत और पाकिस्तान के बीच जंग शुरू हो गई है।

पहलगाम आतंकी हमले में 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक की मौत के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर करते हुए करीब 100 आतंकियों को पीओके और पाकिस्तान में घुसकर मारा था।

इससे बौखलाए पाकिस्तान ने युद्ध ही छेड़ दिया है और भारत की ओर से भी जवाब दिया जा रहा है।

भारत ने तो लाहौर समेत पाकिस्तान के कई शहरों को जवाबी ऐक्शन में टारगेट करना शुरू किया है, जिसने जालंधर, जम्मू, जैसलमेर जैसे शहरों में हमले किए हैं।

इस बीच भारत को पड़ोसी देश नेपाल से समर्थन मिला है। नेपाल के विदेश मंत्रालय की ओऱ से बयान जारी कर कहा गया है कि हम इस वक्त में भारत के साथ खड़े हैं।

नेपाली विदेश मंत्रालय ने कहा कि दुख और कठिन समय में हम भारत के साथ हैं। नेपाल ने कहा कि हम बर्बर आतंकी हमले की निंदा करते हैं।

हर तरह के आतंकवाद के हम खिलाफ हैं और उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए। यही नहीं नेपाल ने साफ किया हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ हैं।

नेपाल सरकार ने कहा कि हम इस सिद्धांत का पालन करेंगे कि हमारी जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों के खिलाफ न किया जाए।

इसके साथ ही नेपाल ने पाकिस्तान के साथ चल रही जंग के समाप्त होने और शांतिपूर्ण माहौल बनने की भी उम्मीद जताई। नेपाल ने कहा कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए जरूरी है कि दोनों देशों के बीच तनाव समाप्त हो जाए।

कूटनीतिक मोर्चे पर जुटे जयशंकर, कई देशों से बात

बता दें कि जंग के बीच ही भारतीय विदेश मंत्रालय कूटनीतिक मोर्चे पर भी जुट गया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूरोपियन यूनियन से इस मामले पर बात की है।

इसके अलावा इटली के विदेश मंत्री से भी उनकी बात हुई है। अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से भी फोन पर वार्ता हुई है। दरअसल विदेश मंत्री एस. जयशंकर कई देशों को लगातार यह बता रहे हैं कि भारत ने किन परिस्थितियों में पाकिस्तान के अंदर घुसकर यह ऐक्शन लिया है।

भारत लगातार दुनिया को बता रहा है कि कैसे पाकिस्तान ने उसकी जमीन पर कायराना आतंकी हमले कराए हैं और उसका भारत की ओर से जवाब दिया जा रहा है।

पहलगाम में हुए ताजा आतंकी हमले ने हालात को एकदम पटरी से उतार दिया है और भारत को एयरस्ट्राइक से ऐक्शन लेना पड़ा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *