छत्तीसगढ़; धमतरी: ज़िले की इस रेत खदान के ख़िलाफ़ समिति ने खोला मोर्चा… माफियाराज को चरितार्थ करने खदानों में रखते हैं हथियारबंद गुर्गे…

सैयद जावेद हुसैन (सह संपादक – छत्तीसगढ़):

धमतरी- जिले में रेत माफियाओं की कारगुज़ारियों में लगातार इज़ाफ़ा होता चला जा रहा है, जहां अब तक तो अवैध रेत खनन व परिवहन के ही मामले सामने आते थे, लेकिन अब एक नए कारनामे ने सबको सोचने पे मजबूर कर दिया है!

मालूम हो कि ग्राम नारी के जय शक्ति गुड़ी युवा समिति के पदाधिकारी सोमवार को कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे, उन्होंने बताया कि उनके गांव में महानदी पर रेत खदान खसरा क्र. 3449 रकबा 4.99 हेक्टेयर की स्वीकृति संबंधित विभाग द्वारा पट्टेदार को दी गई है, जहां पर पट्टाधारक अपनी मनमानी करते हुए दूसरी जगह एनिकट के पास से रेत का खनन करवा रहा है, इसके अलावा समिति के सदस्यों ने बताया कि खदान संचालक ने पुराने पंचायत प्रस्ताव व दूसरे व्यक्ति के नाम से जारी वन विभाग से सहमति पत्र के आधार पर खदान लीज कराई है, जो नियम विरुद्ध है। 

ywAAAAAAQABAAACAUwAOw==

उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि पट्टेदार द्वारा संलग्न तमाम दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाए अथवा खनिज विभाग द्वारा स्वीकृत लीज क्षेत्र के चारों ओर सीमेंट के पोल लगाकर नाप करवाया जाए, इसके अलावा जांच होने तक उक्त खदान का पट्टा निरस्त किया जाए। साथ ही यदि इस मामले में किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उस पर दंडात्मक कार्यवाही की जाए। 

इस मामले में खदान संचालक को कॉल किया गया लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया।

मालूम हो कि जिले में रेत खनन व परिवहन का धंधा वर्षों से निरंतर जारी है, जिस पर कोई भी सरकार व प्रशासन प्रभावी अंकुश नहीं लगा पाया, जहां खदान संचालक मनमाने ढंग से महानदी से रेत का दोहन करने में जुटे हुए हैं। वहीं अवैध खनन भी जोरों से चल रहा है, जहां कुछेक खदानों में वाहनों-मशीनों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाती है, लेकिन उक्त कार्यवाहियां नाकाफी साबित हो रहीं है।

ywAAAAAAQABAAACAUwAOw==

गौरतलब हो कि जिले का भू-जल स्तर काफी नीचे जा चुका, है, जहां नदी तटीय अधिकांश गांवों में पेयजल की भारी समस्या से ग्रामीण जूझ रहे हैं। वहीं ग्रामीणों का मानना है कि रेत के अंधाधुंध खनन के चलते भी भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिसके खिलाफ प्रशासन को गंभीरता दिखाने की आवश्यकता है। 

बता दें कि जिले में लगभग आधा दर्जन के करीब अवैध रेत खदानें संचालित हैं, जहां खदान संचालकों द्वारा गुर्गे बैठा कर बल पूर्वक रेत का खनन जारी है, जहां शायद प्रशासन भी कार्यवाहियों की हिमाकत नहीं दिखा पा रहा।

बहरहाल जल्द ही जिले की तमाम अवैध रेत खदानों की पोल प्रशासन के सामने खोल कर उसे जनता तक पहुंचाया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *