रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने की पूरी कोशिश करेंगे डोनाल्ड ट्रंप, लंदन में होने वाला ‘महासम्मेलन’ बना उम्मीद की किरण…

रूस और यूक्रेन के बीच युद्धविराम करवाने के लिए अमेरिका पूरी ताकत लगा रहा है।

बुधवार को लंदन में अमेरिका यूरोपी और यूक्रेन के अधिकारियों के साथ बात करेगा।

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो और डोनाल्ड ट्रंप के विशेष राजदूत स्टीव विटकॉफ और केथ केलोग फ्रांस, जर्मनी, यूके और यूक्रेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ बातचीत करेंगे।

सोमवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा था, जैसा कि हमने पहले भी बिना शर्त सीजफायर पर सहमति जताई थी, एक बार फिर हम शांति की ओर आगे बढ़ने में विश्वास रखते हैं।

यूके के प्रधानमंत्री केर स्टार्मर से फोन पर बात करने के बाद उन्होंने कहा था कि शांति के लिए पहला कदम बिना शर्त सीजफायर ही हो सकता है।

हालांकि इस ईस्टर पर रूस ने जो कुछ किया है उससे लगता है कि वह युद्ध को लंबा खींचना चाहता है।

पिछले सप्ताह पैरिस में भी अमेरिका ने संभावित सीजफायर डील को लेकर प्रस्ताव पेश किया था। अमेरिका ने रूस को यह भी ऑफर दिया था कि क्रीमिया पर उसके अधिकार को मान्यता दी जाएगी।

हालांकि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहमत नहीं हुए। मामले से जुड़े जानकारों का कहना है कि इस डील में यूक्रेन के NATO में शामिल होने पर रोक और कीव की सुरक्षा का वादा भी शामिल हो सकता है।

बता दें कि रूस ने 2014 में व्लादिमीर पुतिन ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद उन्होंने अपने एक्शन को जस्टिफाइ करने के लिए जनमत संग्रह करवाया। हालांकि रूस के इस कब्जे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता नहीं मिली।

जेलेंस्की बार-बार कहते हैं कि वह इस इलाके पर रूस के आधिपत्य को स्वीकार नहीं करते हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान ही कहा था कि वह राष्ट्रपति बनते ही रूस और यूक्रेन का युद्ध रुकवा देंगे। हालांकि शुक्रवार को परेशान अमेरिका ने कह दिया कि अगर दोनों देश प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करते और सकारात्मक दिशा में आगे नहीं बढ़ते तो वह प्रयास करना ही बंद कर देगा।

वहीं रूस ने कहा है कि 30 घंटे के ईस्टर पॉज के बाद उसकी सेनाओं ने फिर से हमला शुरू कर दिया है।

पुतिन ने कहा है कि जब तक उसकी सभी शर्तें पूरी नहीं होती हैं वह पूरी तरह युद्धविराम नहीं करेगा।

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