बांग्लादेश और पाकिस्तान अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के मामले में एक ही स्थित में हैं।
बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार हटने के बाद से ही अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।
हाल ही में हिंदू समुदाय के एक नेता को घर से किडनैप किया गया और फिर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। ऐसी ही स्थिति पाकिस्तान में भी देखने को मिली।
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक कराची के सदर इलाके में अहमदिया मुसलमानों की एक मस्जिद में 46 साल के शख्स को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया।
जानकारी के मुताबिक तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के समर्थक अहमदियाओं के इबादतखाने में घुस गए। पुलिस ने बताया मृतक की तारिक रोड पर दुकान थी।
पुलिस ने टीएलपी नेताओं के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। वहीं टीएलपी नेताओं ने हत्या की बात से इनकार किया है।
पुलिस ने बताया कि मोबाइल मार्केट के पास बने अहमदियाओं के हॉल के पास करीब 400 की भीड़ इकट्ठी हुई थी। यहां पुलिस भी तैनात थी। पुलिस ने बताया कि अहमदिया समुदाय का शख्स वीडियो बना रहा था।
तभी भीड़ ने उसे पीटने शुरू कर दिया। बाद में उसे किसी तरह भीड़ से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन जीवन नहीं बचाया जा सका। पुलिस ने बताया कि भीड़ ने पहले उसे पीटा और जब वह नीचे गिर गया तो लोगों ने पैरों से कुचल डाला।
पुलिस ने बताया था कि हॉल में मौजूद 40 अहमदिया लोगों को पुलिस ने अपनी हिरासत में रखा था। उन्हें बाद में सुरक्षित उनके घर भेज दिया गया है।
वहीं अहमदिया समुदाय के प्रवक्ता का कहना है कि मृतक समुदाय का जाना-माना चेहरा था।
वह हॉल से 100 मीटर दूर से ही गुजर रहा था की टीएलपी समर्थकों ने उसे पहचान लिया और घेरकर पीटना शुरू कर दिया। वहीं पुलिस का कहना है कि शख्स ने टीएलपी कार्यकर्ताओं की मोबाइल वीडियो बनाई थी।